नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासी टकराव, भाजपा ने कांग्रेस-झामुमो पर साधा निशाना

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासी टकराव, भाजपा ने कांग्रेस-झामुमो पर साधा निशाना

Political Clash Over Nari Shakti Vandan Adhiniyam

Political Clash Over 'Nari Shakti Vandan Adhiniyam

भाजपा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बाधा पर कांग्रेस-झामुमो को घेरा।

झारखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ने पर भाजपा ने चिंता जताई।

भाजपा ने महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

रांची। Political Clash Over 'Nari Shakti Vandan Adhiniyam, संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित नहीं होने पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस, झामुमो समेत उसके सहयोगियों को महिला विरोधी बताया है।

रविवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में केंद्रीय मंत्री और असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनेवाल के साथ बिहार के जमुई से भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता का आयोजन किया।

श्रेयसी सिंह ने कहा कि झारखंड की महिलाओं को मंईयां सम्मान के नाम पर ठगने वाले झामुमो-कांग्रेस गठबंधन ने उनको मिलने वाले संवैधानिक अधिकार की राह में रोड़े अटका दिए।

जनता, खासकर महिलाएं आने वाले दिनों में कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों को उनके पाप की सजा देगी। वहीं, केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनेवाल ने कहा कि झारखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ा है।

राज्य सरकार को आधी आबादी की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने का जो ऐतिहासिक कदम उठाया था उसे झामुमो कांग्रेस ने नकार दिया।

यह देश की महिलाओं के साथ छल है। सोनेवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश की महिलाओं के साथ खड़ी है। उन्हें न्याय और संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए भाजपा की लड़ाई जारी रहेगी।

आदिवासी और अनुसूचित जाति की महिलाओं को मिलेगा समुचित प्रतिनिधित्व

केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनेवाल ने कहा कि कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और सपा जैसी पार्टियां भ्रम फैला रही हैं कि इस बिल में एसटी, एससी महिलाओं को प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा था।

जबकि सीटें बढ़ने से इन जातियों के लिए प्रतिनिधित्व भी बढ़ रहा था। इसका सीधा फायदा आदिवासी और अनुसूचित जाति की महिलाओं को होता। कांग्रेस के लोग महिला और आदिवासी विरोधी हैं। इस वजह से उन्होंने बिल पास नहीं होने दिया।

परिसीमन से आमलोगों की अपेक्षाएं होंगी पूरी

श्रेयसी सिंह ने कहा कि आबादी के हिसाब से परिसीमन करने की योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बनाई थी। इससे समाज में प्रतिनिधित्व का नया अवसर तैयार होता। लोगों के विकास का अपेक्षा पूरी होती। लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इसे संसद में रोकने का काम किया।